सोमवार, 21 मई 2012

मोबाइलियाते रहिए ..लेकिन अईसे हुजूर





ई है हमरा मोबाइल ..नोकिया 5300

मेरी हमेशा कोशिश रही है कि मैं , एक सजग नागरिक की तरह अपने आसपास होने वाली सारी गतिविधियों , उठापटक के प्रति कम से कम सचेत तो रहूं ही । हालांकि अपनी इस आदत की वजह से कई बार मुसीबत में भी पडा हूं , लेकिन आखिरकार यही देखा है कि अंत भला तो सब भला और जहां आवाज़ उठाई जाए और पूरे विश्वास के साथ उठाई जाए तो वहां देर सवेर उसकी सुनवाई भी होती है । बेशक कभी कभी अपेक्षित सफ़लता नहीं मिलती किंतु मन में एक संतोष तो रहता ही है कि कम से कम एक प्रयास , एक कोशिश तो की ही गई । जब से मोबाइल और मोबाइल में लगे कैमरे का साथ मिला है जैसे भीतर के नागरिक पत्रकार को एक वजह मिल गई है । अब होता ये है कि जहां भी कुछ गडबड दिखी , हाथ खुद बखुद मोबाइल पर और क्लिक , क्लिक क्लिक ।


ये देखिए ये हाल है , पूर्वी दिल्ली के चंद्र नगर से गीता कॉलोनी की तरफ़ जाने वाले मार्ग का । हालांकि ये तोडफ़ोड इस बार भी किसी न किसी वजह से ही हो रही है , किंतु एक बात आपको बता दूं कि पिछले काफ़ी समय से मैं इस सडक को देख रहा हूं और इसका इस्तेमाल भी करता हूं । कमाल की बात ये है कि इस पर लगातार कोई न कोई काम चलता है और खुदाई , फ़िर  और खुदाई और निरंतर खुदाई चलती ही रहती है ।
तो उस दिन भी अचानक जब मैंने फ़िर इसकी खस्ता हालत देखी तो फ़ौरन , क्लिक क्लिक क्लिक । अब ये तमाम चित्र , पूरी खबर के साथ सभी अखबारी मित्रों को प्रेषित कर दिए हैं ताकि मामला संज्ञान में आ सके । तो आप सबसे भी यही निवेदन है कि ..मोबाइलियाइए ..खूब मोबालियाइए .......लेकिन कभी कभी अईसे भी हुजूर ।





  






ये है चंद्रनगर से सोम बाज़ार की तरफ़ जाने वाली सडक









8 टिप्‍पणियां:

  1. यह आदत तो बढ़िया है महाराज ... हम भी यही किया करेंगे अब से ... जय हो !

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    1. शुक्रिया मिसर जी , अईसा होना ही चाहिए

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  2. सब जगह यही हाल है। यह विकास का हमला है। इस से कई बड़े काम होते हैं। चुनाव के पहले सब सड़कें चकाचक हो जाती हैं और चुनाव के लिए चंदे की जुगाड़ हो जाती है। अफसरों की जेबें भर जाती हैं।

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    1. हां सर आपने बिल्कुल ठीक कहा यहां भी नगर निगम चुनाव के मद्दे नज़र ही ये खुदाई बनाई चालू की गई थी

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  3. वाह...बेहतरीन और प्रशंसनीय प्रस्तुति...

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    1. शुक्रिया और आभार प्रसन्न वदन जी

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  4. ओह्ह्हह्ह... अपने इलाके की सड़के इत्ता खराब हैं...

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    1. जी शाहनवाज़ भाई , हर जगह तो नहीं भी लेकिन हैं काफ़ी स्थानों पर , फ़ोटो आपके सामने हैं

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