मंगलवार, 20 सितंबर 2016

तारीख पच्चीस दिसंबर 2016...


तारीख पच्चीस दिसंबर 2016, सुबह दस से शाम चार तक मिल रहे हैं हम और आप , ब्लोग्गर मंडली के तमाम हमकदम , करेंगे क्या , एक दशक से कम्प्युटर पर खिटर पिटर कर रहे हैं, अगर सिर्फ दो दो मिनट के लिए भी और दो ही मिनट क्यों ,हम और आप कौन सा इत्ते बड़े सेलिब्रेटी हो गए हैं ( हालांकि मेरी उत्कट इच्छा और मेरा उद्देश्य भी यही है कि हिंदी ब्लोग्गर सेलिब्रिटी हो जाएं ), तो हम जितना मन होगा उतना बोलेंगे सुनेंगे ......कोइ एजेंडा नहीं , कोइ झंडा नहीं | हाँ एक प्रयास जरूर किया जाएगा ब्लॉग जगत के तमाम तकनीकी मित्रों को सहयोग व् उपस्थति के लिए आग्रह किया जाएगा , तकनीक और संसाधनों से लैस होने की भी व्यवस्था हो जाए तो क्या बात |



हालांकि अभी कोइ रूपरेखा बनी नहीं है किन्तु इंडीब्लॉगर जैसे संकलकों से बात की जा सकती है , कोशिश ये भी रहेगी कि चूंकि ये हम सबका ब्लॉग्गिंग का अब तक का अनुभव महसूसने , उसे आपस में बांटने व् एक दुसरे से अब तक आभासी बने रहने के एहसास से सिर्फ एक दिन के लिए बाहर आकर एक दूसरे से रूबरू होने के अवसर जैसा कुछ रहेगा तो यदि बैठक के चित्रों और हमारे द्वारा बिताए गए पलों , साझा किये गए शब्दों को सहेज लें तो ..........श्ह्श्श श्स्श्स  ...किसी प्रकाशक ने सुन देख लिया तो पुस्तक बाज़ार में कुछ यूं आयेगी ..."ब्लॉग बैठकी बतकही " .....



एक विचार और है मन में , मीडिया मित्र और बहुत सारे मीडिया मित्र हिंदी अंतरजाल में सक्रिय होने के बावजूद भी हिंदी ब्लॉग्गिंग में अब तक दूध पानी की तरह नहीं मिल पाए हैं | उनकी भी बहुत सारी मुश्किलें और वजहें हैं , हालांकि मेरे बहुत सारे खुद के मित्र आज अपनी दिन की पूरी रिपोर्ट , खबर आदि को एक ब्लॉग का रूप दे चुके हैं | फिर भी बहुत से ऐसे हैं जिन्हें कौतूहल है , उत्सुकता है और तीव्र इच्छा भी , इसे सोशल मीडिया विशेषकर ब्लॉग और मीडिया के बीच कमाल का सेतुबंध बनेगा , प्रिंट से लेकर इलेक्ट्रोनिक तक सबको ब्लॉगस से जोड़ा जाए | कुछ इसी ख्याल से मीडिया मित्रों की भी सहभागिता रहेगी |



तो चलिए बताता हूँ कब कहाँ कैसे क्या .......जल्दी ही 

3 टिप्‍पणियां:

  1. सिर्फ दशक से खटर पटर करने वाले । अथवा नव सिखिया को भी जगह मिलेगा ।

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  2. सार्थक पहल
    शुभकामनायें

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  3. सार्थक पहल
    शुभकामनायें

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